राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने लॉकडाउन में छूट के बाद दूसरे राज्यों से लोगों की आवाजाही बढऩे की संभावनाओं को देखते हुए आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी एसडीएम, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को व्यवस्थाओं से संबंधित जरूरी निर्देश दिए।
            कलेक्टर श्री मौर्य ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। जिससे संक्रमण का खतरा अधिक होगा। ऐसी स्थिति में सुरक्षात्मक उपाय करना जरूरी है। छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों और श्रमिकों को प्रदेश में प्रवेश करने से पहले सीमा के एन्ट्री पाईंट पर उनके प्रवास की जानकारी और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही आने की अनुमति दी जाएगी। छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में जाने वाले व्यक्ति और श्रमिक जिस जिले में जाएंगे, सबसे पहले स्थानीय अनुविभागीय अधिकारी को जानकारी देंगे। उसके बाद ही वह अपने घर जाएंगे। जहां उसे क्वारेंटाइन में रहना होगा। सीमा से गुजरने वाले लोगों की पूरी जानकारी रखनी होगी। उन्होंने  कहा कि जिन गाडिय़ों के  छत्तीसगढ़ राज्य से होते हुए अन्य राज्यों में जाने के लिए ट्रांजिट पास होंगे उन्हें जाने की अनुमति दी जाएगी।
  • चेक पोस्ट में तैनात फ्रंट लाइन कर्मचारियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश -
         श्री मौर्य ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम में लगे फ्रंट लाईन के कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। उन्हें हर हाल में संक्रमण से बचाते हुए कार्य करना है। श्री मौर्य ने चेक पोस्ट में सभी कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए ग्लब्स, एन-95 मास्क, सेनेटाईजर उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं। चेक पोस्ट में सोडियम हाइपोक्लोराईड से रोज सेनेटाइज करने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर श्री मौर्य ने कहा कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है उन्हें ट्रेनिंग दी जाए। चेक पोस्ट में आने वाले लोगों से 3 मीटर की दूरी बनाए रख कर पूछताछ करने व जानकारी लेने के निर्देश दिए।
  • अन्य राज्यों से पैदल आने वालों के लिए निर्देश -
           श्री मौर्य ने कहा कि जो श्रमिक पैदल या ट्रक से आ रहे हैं और जिले में रूक रहे है उन्हें रैनबसेरा में रखा जाएगा। जहां पर उनके खाने और रूकने की व्यवस्था होगी। लेकिन उस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि को जाने की अनुमति नहीं होगी। उस क्षेत्र को पूरी तरह से सील किया जाएगा। वहां केवल मेडिकल टीम ही होगी। रैन बसेरा में रूके श्रमिकों को उनके जिले में जाने दिया जाएगा तो उसकी जानकारी उस जिले के अनुविभागीय अधिकारी को दिया जाएगा।
  • कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए नगरीय निकायों में जारी निर्देश -
           श्री मौर्य ने कहा कि नगरीय निकाय या ग्रामीण क्षेत्र में जो भी व्यक्ति एक अप्रैल के बाद अन्य राज्यों से आए हैं वे अपनी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए। इसके लिए मुनादी भी कराई जाएगी। जो व्यक्ति जानकारी छुपाएगा उसके खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। बाहर से आने वाले लोगों को 28 दिन होम आईसोलेशन में रहना होगा। उनके घर किसी भी व्यक्ति का आना जाना नहीं होगा। इसके अलावा जो व्यक्ति हॉट स्पॉट जिले से आए हैं उन्हें शासकीय क्वारेंटाइन सेन्टर में ही रहना होगा।
  • कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु ग्राम पंचायतों के लिए निर्देश -
         श्री मौर्य ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति गांव में विभिन्न राज्यों के हॉट स्पॉट जिले से आते हैं तो उन्हें ग्राम पंचायत के क्वारेंटाइन सेन्टर में 28 दिन रहना होगा। उसके बाद उनका रेपिड टेस्ट किया जाएगा। क्वारेंटाइन में रहने वाले ऐसे व्यक्ति जो सर्दी, खांसी और बुखार से पीडि़त हैं उनका रोज हेल्थ चेकअप किया जाएगा। प्रतिदिन इन सभी की रिपोर्ट तैयार होगी। इसके लिए मितानिन, एएनएम और सचिव को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर संक्रमित क्षेत्रों में की जाने वाली कार्रवाई -
           श्री मौर्य ने कहा कि यदि किसी नगरीय निकाय क्षेत्र में कोई व्यक्ति पॉजिटिव पाए जाता है तो उस क्षेत्र को पूर्ण रूप से सील कर दिया जाएगा। वहां केवल आवश्यक वस्तु, मेडिकल, दूध, एलपीजी की सुविधाएं ही उपलब्ध होगी जो केवल सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही खुली रहेगी।
उसी तरह गांव में किसी व्यक्ति के पॉजिटिव होने पर पूरे गांव को सील किया जाएगा। वहां के लोग मनरेगा, तेन्दूपत्ता के कार्य में नहीं जा पाएंगे। गांव के किसी भी व्यक्ति को सब्जी या अन्य वस्तुएं बेचने की अनुमति नहीं होगी। उस गांव के प्रत्येक घर का सर्वे किया जाएगा। सर्दी, खांसी, बुखार पीडि़त  व्यक्तियों का टेस्ट किया जाएगा। तालाब का उपयोग करना प्रतिबंधित होगा।
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनेंगे कोविड -19 अस्पताल -
           श्री मौर्य ने कहा कि कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को कोविड-19 अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों की देखभाल के लिए वहां के डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
  • 3 मई से 10 मई तक सेनेटाइजेशन अभियान -
श्री मौर्य ने कहा कि कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए 3 मई से 10 मई तक सभी शासकीय कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों, रैनबसेरा, बस स्टैण्ड, सार्वजनिक स्थलों को सेनेटाईज करने का अभियान चलाया जाएगा।  इन स्थलों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करने के निर्देश -
           श्री मौर्य ने कहा कि मास्क का उपयोग करने के बाद उसे कचरे में नहीं फेका जाए। ऐसी शिकायत मिलने पर मास्क फेकने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी दुकानदारों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। मास्क नहीं लगाने तथा ग्राहकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले दुकानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।  श्री मौर्य ने कहा कि 4 बजे के बाद किसी को घर से बाहर नहीं निकलना है। इसका कड़ाई से पालन किया जाए। शादी-विवाह, अंत्येष्ठि जैसे कार्यक्रमों में केवल 20 लोग ही शामिल हो सकते है। इसके लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से अनुमति लेना आवश्यक होगा। सार्वजनिक पार्क पूरी तरह से बंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
           मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से  कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के जरूरी निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीएम श्री ओंकार यदु, नगर निगम के आयुक्त श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे तथा पुलिस विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।