मुख्‍य समाचार

1 रायपुर। बच्चों के विकास मे प्रमुख भूमिका निभा रहा सजग कार्यक्रम : ऑडियो क्लिप के माध्यम से सुनाए जा रहे प्रेरक संदेश,रायपुर। मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता ’लोकवाणी’ की 12 वीं कड़ी का प्रसारण 8 नवम्बर को : लोकवाणी ’बालक-बालिकाओं की पढ़ाई, खेलकूद, भविष्य’ विषय पर केन्द्रित होगी,राजनांदगांव। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया 4 नवम्बर को राजनांदगांव जिले के दौरे पर रहेंगे मिशन अमृत योजना के तहत 8.5 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण ,राजनांदगांव : उपायुक्त कृषि विभाग डॉ. सोनकर ने किया गोधन न्याय योजना के कार्यों का निरीक्षण : योजना की सफलता का मूल मंत्र गौठानों का सफल संचालन, राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव में मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत जिले के 1 लाख 65 हजार किसानों के खाते में 178 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की

रविवार, 10 मई 2020

गृह और जेल मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने की जेल विभाग के काम-काज की समीक्षा

         रायपुर , 10 मई 2020 । गृह और जेल मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने आज अपने रायपुर निवास कार्यालय में जेल विभाग के काम काज की समीक्षा की। उन्होंने जेलों में कोरोना वायरस से संक्रमण के रोकथाम के लिए विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों के तहत नये बंदियों की स्क्रीनिंग करने के बाद ही पृथक वार्डों में रखने के निर्देश दिये। उन्होंने जेल परिसर में साफ-सफाई, सेनेटाईजेशन, फिजिकल डिस्टेशिंग का पालन कराये जाने के निर्देश जेल महानिदेशक को दिए। मंत्री श्री साहू ने प्रदेश के जेलों में बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा सुविधा तुरंत प्रदाय करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट में प्रावधानित नवीन मदों के कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करने और निर्माण कार्य अतिशीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने जेलों में व्यवसायिक कार्यों को बढ़ावा देकर, बंदियों के आय के स्त्रोत बढ़ाने के निर्देश दिये।
          बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर में 600 बदियों की क्षमता के नवीन बैरक का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। इसके साथ ही दुर्ग एवं बिलासपुर में भी लगभग 1000 कैदी क्षमता के बैरको का निर्माण कार्य चालू माह के अंत तक पूर्ण हो जाएगा । इससे राज्य की जेलों में बंदियों की क्षमता 12 हजार से बढ़कर 13 हजार 600 हो जाएगा । लॉकडाउन अवधि में बंदियों को परिवारजनों से बातचीत कराने के लिए प्रिजन कॉलिग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इस समय जेलों में प्रिंटिंग प्रेस, कास्टकला, सिलाई, कपड़ा बुनाई, साबुन निर्माण आदि का कार्य किया जा रहा है । कोरोना महामारी के संक्रमण को देखते हुए जेलों में मास्क बनाने का कार्य भी प्राथमिकता से किया जा रहा है। बैठक में अतिरिक्त महानिदेशक जेल श्री संजय पिल्ले सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें