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1 रायपुर। बच्चों के विकास मे प्रमुख भूमिका निभा रहा सजग कार्यक्रम : ऑडियो क्लिप के माध्यम से सुनाए जा रहे प्रेरक संदेश,रायपुर। मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता ’लोकवाणी’ की 12 वीं कड़ी का प्रसारण 8 नवम्बर को : लोकवाणी ’बालक-बालिकाओं की पढ़ाई, खेलकूद, भविष्य’ विषय पर केन्द्रित होगी,राजनांदगांव। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया 4 नवम्बर को राजनांदगांव जिले के दौरे पर रहेंगे मिशन अमृत योजना के तहत 8.5 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण ,राजनांदगांव : उपायुक्त कृषि विभाग डॉ. सोनकर ने किया गोधन न्याय योजना के कार्यों का निरीक्षण : योजना की सफलता का मूल मंत्र गौठानों का सफल संचालन, राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव में मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत जिले के 1 लाख 65 हजार किसानों के खाते में 178 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की

शनिवार, 25 अप्रैल 2020

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को परशुराम जयंती एवं अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दी

      रायपुर, 25 अप्रैल 2020 । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने शस्त्र विद्या के महान गुरु, भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम जी की जयंती पर शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि भगवान परशुराम पराक्रम के प्रतीक माने जाते हैं। मानवहित के लिए किये गए कार्यों के लिए भी उन्हें जाना जाता है। उन्‍होंने अक्षय तृतीया (अक्ति) की भी बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर किये गए काम अक्षय माने जाते हैं। इस दिन विवाह होना भी शुभ-माना गया है, इसलिए भारत में बहुत बड़ी संख्या में इस दिन विवाह होते हैं। इनमें कई बाल-विवाह के मामले भी सामने आते हैं। श्री बघेल ने कहा कि बाल-विवाह एक सामाजिक कुरीति है, हमें इससे मुक्त होना है। इसके लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह सजग और तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस समय पूरा विश्व कोरोना संक्रमण की आपदा से जूझ रहा हैं। ऐसे में कोरोना वायरस की रोकथाम और बचाव के लिए सोशल के साथ फिजिकल डिस्टेंसिंग भी बहुत मायने रखती है। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि अक्षय तृतीया के अवसर पर आवश्यक होने पर ही बहुत कम पारिवारिक लोगों के साथ फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए विवाह संपन्न कराएं। किसी भी तरह का सामाजिक आयोजन न करें, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हों।

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