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शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

कोरोना से निपटने छत्तीसगढ़ सरकार के फैसला से जनता को राहत – शाहिद भाई

राजनांदगांव । 3 अप्रैल2020 छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री शाहिद भाई ने बयान जारी कर कहा कि कोरोना की महामारी से विश्व सहित देश भी चपेट में है । देश के अनेक प्रदेशों में यह स्थिति भयावह हो रही है । छत्तीसगढ़ में कोरोना अपना पैर सरकार की मजबूत रणनीति और जनता एवं कारोबारीयो के भरपूर सहयोग के कारण नहीं पसार पाई है । इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार साधुवाद के पात्र है । मुख्यमंत्री भुपेश बघेल का जनता के हित मे ,लिए गए निर्णय का लाभ जनता को जमीनी स्तर पर मिल रहा है । इसके लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ,मोहम्मद अकबर तथा कांग्रेसजनों को निरंतर जनता व प्रभावित जनों की सेवा करने के निर्देश दिए है । छत्तीसगढ़ भुपेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गरीब परिवारों को अप्रैल एवं मई 2020 दो माह का चावल एकमुश्त निःशुल्क वितरण किया जा रहा है ।
अवकाश अवधि में स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन हेतु 40 दिनों का सूखा चांवल और दाल पालकों को स्कूल से प्रदाय कर रहे है । आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों, गर्भवती-शिशुवती माताओं और गंभीर कुपोषित बच्चों को उनके घरों में जाकर रेडी-टू-ईट फूड का वितरण किया जा रहा है।सभी नगरीय निकायों में अनुज्ञा, परमिट, लायसेंस आदि नवीनीकरण की समय-सीमा में एक माह की वृद्धि की गई है। नगरीय निकायों में सम्पत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च को बढ़ाकर 30 अप्रैल किया है ।
राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों की पेशी में वृद्धि किया है।
कोरोना के उपचार में लगे स्वास्थ्य विभाग के अमले को विशेष भत्ता देने का फैसला किया है ।
राज्य के सभी निजी संस्थानों, कारखानों, अस्पतालों, मॉल, रेस्टोरेंट आदि के नियोजकों को श्रमिकों की छंटनी नहीं करने और कोरोना पीड़ित या बीमार होने पर संवैतनिक अवकाश का निर्देश दिया है ।उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग-बिलिंग पर 31 मार्च तक रोक,” हाफ रेट पर बिजली योजना’’ के तहत् एक मुश्त दो माह का लाभ दिए जाने का निर्णय । पीडीएस वस्तुएं, धान की मिलिंग, डीजल-पेट्रोल, एलपीजी सहित कई अन्य सेवाएं आवश्यक सेवा के अंतर्गत घोषित है। जिलों में आवश्कतानुसार चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की अस्थाई संविदा नियुक्ति का अधिकार जिला कलेक्टरों को सौपा गया है ।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत सभी संविदा अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवा अवधि 30 जून 2020 तक बढ़ायी दी गई है।
सभी शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य एवं चिकित्सकीय संस्थानों में एस्मा लागू।
खाद्य पदार्थो की निरंतर आपूर्ति एवं उपलब्धता के लिए खाद्य उत्पादों से संबंधित सभी फैक्ट्रियों के नियमित संचालन की अनुमति। राज्य की हर ग्राम पंचायत में जरूरतमंद लोगों के लिए दो क्विंटल चावल की व्यवस्था ।
खाद, बीज और कीटनाशक की दुकानें और पशु, कुक्कुट आहार और फिश फीड का परिवहन लॉकडाउन से मुक्त किया गया है। दूध, सब्जी की दुकानों के साथ अनाज मंडी और पेट्रोल पंप जैसे पहले खुले रहते थे, वैसे ही खुले रखने के निर्देश।
सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था।
राज्य के भिखारियों एवं निराश्रित व्यक्तियों को निःशुल्क भोजन की व्यवस्था।
लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में 62,172 गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क भोजन और निःशुल्क राशन का वितरण। संकटग्रस्त श्रमिकों को 68 लाख रूपए की त्वरित सहायता और 15 लाख रूपए एडंवास वेतन दिलाया गया। सीमावर्ती राज्यों से छत्तीसगढ़ लौटने वाले श्रमिकों को राज्य की सीमा पर सुविधाजनक स्थान जैसे स्कूल, आश्रम, हॉस्टल आदि स्थानों में भोजन, ठहरने और स्वास्थ्य जांच की संपूर्ण व्यवस्था। कलेक्टरों राहत शिविरों के लिए आरबीसी 6-4 से व्यवस्था के निर्देश।
दूसरे राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के लिए वहीं पर की आवश्यक व्यवस्था और उनके खातों में नगद की व्यवस्था । लॉकडाउन के दौरान बंदियो की संख्या कम करने सजा पूरी कर चुके, पैरोल और अंतरिम जमानत पर 390 कैदी रिहा ।
किसानों को जरूरी ऐहतियात के साथ अपनी बाड़ियों और खेतों में काम की अनुमति ताकि शहरी इलाकों में भी सब्जियों और जरूरी चीजों की आपूर्ति बनी रहे। लॉकडाउन के दौरान राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के पुख्ता इंतजाम और कालाबाजारी पर कड़ाई से पालन करने और शक्ति से निपटने कहा है । छत्तीसगढ सरकार एवं प्रशासनिक तंत्र मजबूती से कार्य कर रही है।

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