• कोरोना वायरस से लडऩे हर परिस्थिति में तैयार रहे : श्री मौर्य
  • एनसीसी और स्कॉउस गाइड के बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए कर रहे जागरूक
       राजनांदगांव 14 अप्रेल 2020 । कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने लॉक डाउन में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले के दो विकासखंड मुख्यालय के शासकीय हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। श्री मौर्य ने कल छुरिया विकासखण्ड के मुख्यालय छुरिया और डोंगरगढ़ विकासखण्ड के मुख्यालय डोंगरगढ़ में सामुदायिक उपस्वास्थय केंद्र का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था का जायजा लिया और कहां की कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए हमेशा तैयार रहें। उन्होंने हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा और वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली।
       कलेक्टर श्री मौर्य ने शासकीय उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों के बारे में जानकारी ली। श्री मौर्य ने कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए डॉक्टरों को इलाज के दौरान पूरी सावधानी बरतने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि मरीजों का इलाज करते समय डॉक्टर पीपीई किट का उपयोग जरूर करे एवं स्वयं इंफेक्शन से दूर रहें। अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उपचार करने की सलाह दी। साथ ही वहां हमेशा सेनेटाइजर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। डॉक्टर ने बताया कि सर्दी, खासी के लक्षण वाले मरीजों की जांच के लिए अलग जगह बनाई गई है। ऐसे मरीजों की पूरी सतर्कता के साथ ईलाज किया जा रहा है। जिन मरीजों में ऐसी संभावनाए होती है उन्हें क्वरेन्टीन में रहने की सलाह दी जा रही है।
       श्री मौर्य ने कहा कि जो मजदूर अन्य राज्यों से आए है उनका लगातार स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी जानकारी रखें। श्री मौर्य ने अस्पताल के महिला एवं पुरूष वार्ड का निरीक्षण कर उपचार करा रहे मरीजों से चर्चा भी की और उनके स्वास्थ्य के बारे में हाल चाल जाना। साथ ही हॉस्पिटल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। श्री मौर्य ने सोशल डिस्टेंन्सिग का पालन कराने के लिए वालिंटियर रखने कहां। जिस पर डॉक्टर ने बताया कि हॉस्पिटल में रोज एनसीसी और स्कॉउड गाइड के बच्चे आतें हैं जो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने लोगों को जागरूक कर रहें हैं। थोड़े-थोड़े देर में हाथ धोने और मास्क लगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इस दौरान डोंगरगढ़ एसडीएम श्री अविनाश भोई, जिला एवं मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी भी उपस्थित थे।