रायपुर, 30 मार्च। कोरोनावायरस की वजह से पूरी मानवता पर संकट छाया हुआ है और ख़रब से ज़्यादा कि आबादी को घर में रहने को कहा गया है, भारत में ज़्यादातर राज्य और केंंद्र शासित प्रदेश लॉकडाउन की स्थिति में हैं. राहत की बात ये है कि ऐसी स्थिति में राज्यों ने अपने लोगों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है. ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 62 हजार 172 गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क भोजन और निशुल्क राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जिससे इन परिवारों को राहत मिल सके। इसके लिए भूपेश सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को इस कार्य को पूरी संवेदनशीलता से करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि इस चुनौतीपूर्ण समय में कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहे। मालूंम हो कि मुख्यमंत्री के आव्हान पर अनेक समाजसेवी संस्थाएं गरीबों और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सामने आयी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस कार्य में सहयोग दे रही हैं।
राजधानी रायपुर में 9 हजार व्यक्तियों और 22 हजार परिवारों को भोजन और राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। रायपुर में 9000 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है जबकि 4000 जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क राशन सामग्री वितरित की गई है । इसके अलावा स्वयंसेवी संगठनों द्वारा 18 हजार परिवारों के लिए भोजन और राशन की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा सोमवार की सुबह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लॉकडाउन की स्थिति का जायजा लेने रायपुर की सड़कों पर निकले और राशन की स्थिति, सब्जियों की स्थिति सभी की  विस्तृत जानकारी भी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार पूरा प्रयास कर रही है, मुश्किल होता है घरों में रहना लेकिन हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी । सभी से निवेदन है कि अपने घरों में रहे, बाहर से जो लोग लगातार फोन कर रहे हैं उनसे भी अपील करता हूं, वे वहीं पर रहे । सरकार हर तरह का प्रयास कर रही है ।