राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य की अध्यक्षता में नीति आयोग द्वारा चलाए जा रहे आकांक्षी जिला प्रोग्राम के अंतर्गत राजनांदगांव जिले के लिए कार्य योजना बनाकर प्रस्ताव भेजने बैठक आयोजित की गई।
    कलेक्टर श्री मौर्य ने बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ कार्य योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मुख्य रूप से जीका फंड के अंतर्गत जिले के लिए भेजे जाने वाले प्रस्तावों के संबंध में अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि इस फंड के लिए जिले की जिले की मूल जरूरतों के आधार पर प्रस्ताव बनाया जाए। इस प्रस्ताव के साथ विभिन्न गतिविधियों, समय-सीमा, मॉनिटरिंग और परिणाम के संकेत होने चाहिए। श्री मौर्य ने इस बात पर विशेष रूप से ध्यान देने निर्देश दिए कि सभी प्रस्ताव नीति आयोग द्वारा अंकित 49 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में से किसी एक या समूह के सुधार से जुड़े होने चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि कार्य योजना व्यवहारिक और उपयोगी होनी चाहिए।
    कलेक्टर श्री मौर्य ने कहा कि कुपोषण और एनीमिया जिले की एक प्रमुख समस्या है। पोषित बच्चों को सुपोषित बनाने विशेष रूप से ऐसे बच्चे जो आंगनबाड़ी नहीं जाते उनके लिए प्रस्ताव बनाए जाए। एनीमिया पीड़ित महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी गतिविधियां चलाने की जरूरत है। समुदाय आधारित हितग्राही मूलक कार्यक्रमों के लिए भी कार्य करना जरूरी है। जिले के ऐसे क्षेत्र जहां संस्थागत प्रसव का अनुपात जिला स्तरीय अनुपात से कम है वहां पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। श्री मौर्य ने कहा कि स्कूली स्तर पर बच्चों को अंग्रेजी और गणित की विशेष शिक्षा देने  पर्याप्त कार्य किया जाना जरूरी है। इसके साथ ही हाई स्कूलों एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के बच्चों की कॉउंसलिंग और कैरियर कॉउंसलिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कृषि विभाग के अंतर्गत फसल चक्र परिवर्तन, सूक्ष्म सिंचाई और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की भी कार्य योजना प्रस्तुत की जा सकती है। जिले के मानपुर-मोहला क्षेत्र में बागवानी विकास की बेहतरीन संभावनाएं है। बागवानी से किसानों की आय यादा हो सकती है। इस पर भी योजना बनाई जाए। मिर्च और केले की खेती तेजी से बढ़ रही है। सामूहिक और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों का प्रस्ताव बनाना उचित होगा।
    बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तनुजा सलाम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, नीति आयोग की फेलो सुश्री योति सिंह सहित महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, कौशल विकास प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित थे।